Class 8 – झारखंड में हॉकी
Class 8 – झारखंड में हॉकी
झारखंड में हॉकी : संक्षिप्त व पूर्ण नोट्स
1. हॉकी का सामान्य परिचय
- हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है।
- हॉकी को 1900 ई० में ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया।
- पहला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच 1907 ई० में इंग्लैंड और फ्रांस के बीच खेला गया।
- अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ की स्थापना 1900 ई० में हुई।
- हॉकी को आयरलैंड में हर्ली (Hurley) कहा जाता था।
2. भारतीय हॉकी का स्वर्ण युग
- भारत ने 1928 एम्सटर्डम ओलंपिक में पहली बार हॉकी का स्वर्ण पदक जीता।
- 1928 की भारतीय हॉकी टीम के कप्तान जयपाल सिंह मुंडा थे।
- भारत ने 1928 से 1968 (मैक्सिको ओलंपिक) तक हॉकी में 8 स्वर्ण पदक जीते।
- मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है।
- मेजर ध्यानचंद ने ओलंपिक में 35 गोल और अंतर्राष्ट्रीय मैचों में लगभग 400 गोल किए।
- उनकी खेल प्रतिभा से प्रभावित होकर विश्व के कई देशों ने उनकी स्टिक तक की जाँच की।
3. झारखंड और हॉकी
- झारखंड हॉकी की नर्सरी माना जाता है।
- झारखंड के प्रमुख हॉकी जिले हैं:
- राँची
- लोहरदगा
- सिमडेगा
- गुमला
4. झारखंड के प्रमुख हॉकी खिलाड़ी
- माइकल किंडो
- झारखंड के एकमात्र खिलाड़ी जिन्होंने
ओलंपिक, विश्वकप और एशियाई खेल — तीनों में भारत को पदक दिलाया।
- झारखंड के एकमात्र खिलाड़ी जिन्होंने
- सिल्बानुस डुंगडुंग
- मास्को ओलंपिक 1980 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान।
- जयपाल सिंह मुंडा
- 1928 ओलंपिक हॉकी टीम के कप्तान।
- सावित्री पूर्ति
- बिहार–झारखंड की पहली अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी।
- निक्की प्रधान
- रियो ओलंपिक 2016 में भारत की ओर से हॉकी में प्रतिनिधित्व किया।
- मनोहर टोपनो
- 1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक हॉकी टीम के सदस्य।
5. झारखंड में हॉकी की शुरुआत
- झारखंड में पहली महत्वपूर्ण हॉकी टीम बनाने का श्रेय
एडवर्ड हैमिल्टन व्हिटली (छोटे साहब) को जाता है। - उन्होंने राँची के बहू बाजार क्षेत्र में SPG मिशन टीम बनाई।
6. कलकतिया स्टिक
- पहले फैक्ट्री निर्मित हॉकी स्टिक उपलब्ध नहीं थी।
- ग्रामीण खिलाड़ी बाँस और केंद की लकड़ी से देशी हॉकी स्टिक बनाते थे।
- बाँस की जड़ से गेंद बनाई जाती थी।
- इस देशी हॉकी स्टिक को कलकतिया स्टिक कहा जाता था।
7. एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम
- एस्ट्रो टर्फ मैदान में कृत्रिम घास होती है।
- यह मैदान:
- पूरी तरह समतल होता है
- गड्ढे नहीं बनते
- दिन और रात दोनों समय खेल संभव होता है
- इसलिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर खेली जाती है।
8. बरियातू हॉकी सेंटर की सफलता
- 1974–75 में बिहार सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से
बरियातू (राँची) में बालिकाओं के लिए हॉकी प्रशिक्षण केंद्र शुरू हुआ। - प्रशिक्षक कुलवंत सिंह के मार्गदर्शन में यह केंद्र अत्यंत सफल रहा।
- इस केंद्र ने देश को 50 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी दिए।
9. महिला हॉकी में जनजातीय खिलाड़ियों का वर्चस्व
- झारखंड की जनजातीय महिलाएँ:
- शारीरिक रूप से मजबूत
- स्वाभाविक रूप से प्रतिभाशाली होती हैं
- सरकार और प्रशिक्षकों के उचित मार्गदर्शन से
उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता पाई। - सावित्री पूर्ति पहली महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय टीम में स्थान पाया।
-
भारत का राष्ट्रीय खेल क्या है?
उत्तर: हॉकी। -
हॉकी को ओलंपिक में कब शामिल किया गया?
उत्तर: 1900 ई० में। -
पहला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच कब खेला गया?
उत्तर: 1907 ई० में। -
पहला अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच किन देशों के बीच खेला गया?
उत्तर: इंग्लैंड और फ्रांस के बीच। -
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1900 ई० में। -
हॉकी को आयरलैंड में किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर: हर्ली। -
भारत ने हॉकी में पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक कब जीता?
उत्तर: 1928 एम्सटर्डम ओलंपिक में। -
1928 ओलंपिक हॉकी टीम के कप्तान कौन थे?
उत्तर: जयपाल सिंह मुंडा। -
1928 से 1968 तक भारत ने हॉकी में कितने स्वर्ण पदक जीते?
उत्तर: आठ। -
हॉकी का जादूगर किसे कहा जाता है?
उत्तर: मेजर ध्यानचंद। -
मेजर ध्यानचंद किस खेल से संबंधित थे?
उत्तर: हॉकी। -
मेजर ध्यानचंद ने ओलंपिक में कितने गोल किए?
उत्तर: 35 गोल। -
मेजर ध्यानचंद ने अंतर्राष्ट्रीय मैचों में लगभग कितने गोल किए?
उत्तर: लगभग 400 गोल। -
झारखंड के माइकल किंडो किस खेल से संबंधित थे?
उत्तर: हॉकी। -
झारखंड का कौन-सा खिलाड़ी ओलंपिक, विश्वकप और एशियाई खेलों में पदक जीत चुका है?
उत्तर: माइकल किंडो। -
सिल्बानुस डुंगडुंग ने किस ओलंपिक में भारतीय टीम का नेतृत्व किया?
उत्तर: मास्को ओलंपिक 1980। -
बिहार-झारखंड की पहली अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी कौन थीं?
उत्तर: सावित्री पूर्ति। -
रियो ओलंपिक 2016 में भारत की ओर से हॉकी में किसने प्रतिनिधित्व किया?
उत्तर: निक्की प्रधान। -
1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में झारखंड से कौन खिलाड़ी शामिल थे?
उत्तर: मनोहर टोपनो। -
झारखंड के कौन-कौन से जिले हॉकी की नर्सरी माने जाते हैं?
उत्तर: राँची, लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला। -
झारखंड में पहली महत्वपूर्ण हॉकी टीम किसने बनाई?
उत्तर: एडवर्ड हैमिल्टन व्हिटली (छोटे साहब)। -
झारखंड की पहली हॉकी टीम का नाम क्या था?
उत्तर: एस० पी० जी० मिशन टीम। -
कलकतिया स्टिक किससे बनाई जाती थी?
उत्तर: बाँस और केंद की लकड़ी से। -
देशी हॉकी स्टिक को क्या कहा जाता था?
उत्तर: कलकतिया स्टिक। -
एस्ट्रो टर्फ मैदान किसलिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: हॉकी खेलने के लिए। -
एस्ट्रो टर्फ मैदान की मुख्य विशेषता क्या है?
उत्तर: कृत्रिम घास और समतल सतह। -
बरियातू हॉकी सेंटर किस जिले में स्थित है?
उत्तर: राँची में। -
बरियातू हॉकी सेंटर की स्थापना किस उद्देश्य से की गई थी?
उत्तर: आदिवासी बालिकाओं को हॉकी प्रशिक्षण देने के लिए। -
बरियातू हॉकी सेंटर के प्रमुख प्रशिक्षक कौन थे?
उत्तर: कुलवंत सिंह। -
बरियातू हॉकी सेंटर ने कितनी महिला खिलाड़ी देश को दी हैं?
उत्तर: 50 से अधिक। -
महिला हॉकी में झारखंड की जनजातीय खिलाड़ियों का वर्चस्व क्यों है?
उत्तर: शारीरिक मजबूती और प्राकृतिक प्रतिभा के कारण। -
झारखंड की महिला हॉकी के लिए अविस्मरणीय वर्ष कौन-सा था?
उत्तर: 1983 ई०। -
भारत की पहली बड़ी हॉकी प्रतियोगिता कौन-सी थी?
उत्तर: बेटन कप। -
हॉकी का राष्ट्रीय खेल होने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: भारत की अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियाँ। -
झारखंड में हॉकी को बढ़ावा किसने दिया?
उत्तर: मिशनरियों और खेल प्रशिक्षकों ने। -
हॉकी स्टिक की अनुपलब्धता में खिलाड़ी क्या प्रयोग करते थे?
उत्तर: बाँस और लकड़ी की बनी स्टिक। -
एस्ट्रो टर्फ मैदान पर खेल का लाभ क्या है?
उत्तर: बेहतर गति और सुरक्षित खेल। -
माइकल किंडो का संबंध किस राज्य से है?
उत्तर: झारखंड। -
झारखंड की हॉकी पहचान किस स्तर तक है?
उत्तर: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर। -
हॉकी झारखंड के लिए क्या महत्व रखती है?
उत्तर: गौरव और पहचान।
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