10th
विज्ञान (Science)
खण्ड – B
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 1–8, इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक)
प्रश्न 1.
उत्तल लेंस में बनते हुए प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचिए जब वस्तु वक्रता केन्द्र (2F₁) पर हो।
उत्तर :
जब वस्तु उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र (2F₁) पर रखी जाती है, तब—
प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 2F₂ पर बनता है।
प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है।
प्रतिबिम्ब उल्टा होता है।
प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर होता है।
(परीक्षा में इस स्थिति का स्पष्ट एवं नामांकित किरण आरेख बनाना चाहिए।)
उत्तर :
जब वस्तु उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र (2F₁) पर रखी जाती है, तब—
प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 2F₂ पर बनता है।
प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है।
प्रतिबिम्ब उल्टा होता है।
प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर होता है।
(परीक्षा में इस स्थिति का स्पष्ट एवं नामांकित किरण आरेख बनाना चाहिए।)
प्रश्न 2.
खतरे के संकेत (सिग्नल) के लिए लाल रंग का चयन क्यों किया जाता है?
उत्तर :
लाल रंग का कुहरे, धुएँ तथा धूल से सबसे कम प्रकीर्णन होता है। इसी कारण लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए खतरे के संकेत के लिए लाल रंग का चयन किया जाता है।
उत्तर :
लाल रंग का कुहरे, धुएँ तथा धूल से सबसे कम प्रकीर्णन होता है। इसी कारण लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए खतरे के संकेत के लिए लाल रंग का चयन किया जाता है।
प्रश्न 3.
संक्षारण तथा विकृतगंधिता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
(a) संक्षारण :
संक्षारण वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ वायु, नमी या अम्ल के साथ अभिक्रिया करके अवांछनीय पदार्थ बना लेती हैं।
उदाहरण : लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता :
वसा तथा तेल युक्त खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण उत्पन्न दुर्गंध और खराब स्वाद को विकृतगंधिता कहते हैं।
उदाहरण : गर्मी के दिनों में सब्जी या तेल का खराब होकर बदबू देना।
उत्तर :
(a) संक्षारण :
संक्षारण वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ वायु, नमी या अम्ल के साथ अभिक्रिया करके अवांछनीय पदार्थ बना लेती हैं।
उदाहरण : लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता :
वसा तथा तेल युक्त खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण उत्पन्न दुर्गंध और खराब स्वाद को विकृतगंधिता कहते हैं।
उदाहरण : गर्मी के दिनों में सब्जी या तेल का खराब होकर बदबू देना।
प्रश्न 4.
मैक्सवेल का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम लिखिए।
उत्तर :
मैक्सवेल का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम के अनुसार— यदि किसी धारावाही चालक को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा को दर्शाती हैं।
अंगूठा → धारा की दिशा
उँगलियाँ → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
उत्तर :
मैक्सवेल का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम के अनुसार— यदि किसी धारावाही चालक को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा को दर्शाती हैं।
अंगूठा → धारा की दिशा
उँगलियाँ → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
प्रश्न 5.
जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?
उत्तर :
अम्ल केवल जल में घुलने पर ही हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं। जल की अनुपस्थिति में हाइड्रोजन आयन नहीं बनते हैं, इसलिए अम्ल अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता।
उत्तर :
अम्ल केवल जल में घुलने पर ही हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं। जल की अनुपस्थिति में हाइड्रोजन आयन नहीं बनते हैं, इसलिए अम्ल अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता।
प्रश्न 6.
सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर :
सोडियम सामान्य ताप पर वायु की नमी और ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है और सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है। किरोसिन तेल में सोडियम न तो घुलता है और न ही कोई अभिक्रिया करता है। इसलिए सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।
उत्तर :
सोडियम सामान्य ताप पर वायु की नमी और ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है और सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है। किरोसिन तेल में सोडियम न तो घुलता है और न ही कोई अभिक्रिया करता है। इसलिए सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।
प्रश्न 7.
हमारे आमाशय में अम्ल की क्या भूमिका है? अथवा पाचन में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का क्या कार्य है?
उत्तर :
1. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन को अम्लीय माध्यम प्रदान करता है, जिससे पाचक एन्जाइम ठीक प्रकार से कार्य करते हैं।
2. भोजन के साथ आने वाले हानिकारक रोगाणु अम्ल के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं।
उत्तर :
1. हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन को अम्लीय माध्यम प्रदान करता है, जिससे पाचक एन्जाइम ठीक प्रकार से कार्य करते हैं।
2. भोजन के साथ आने वाले हानिकारक रोगाणु अम्ल के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं।
प्रश्न 8.
पादप हार्मोन क्या हैं? दो पादप हार्मोनों के नाम लिखिए।
उत्तर :
पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करने वाले रासायनिक पदार्थों को पादप हार्मोन या फाइटोहार्मोन कहते हैं।
दो पादप हार्मोन :
1. ऑक्सिन
2. जिबरेलिन
उत्तर :
पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करने वाले रासायनिक पदार्थों को पादप हार्मोन या फाइटोहार्मोन कहते हैं।
दो पादप हार्मोन :
1. ऑक्सिन
2. जिबरेलिन
खण्ड – C
लघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 9–16, इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 3 अंक)
प्रश्न 9.
4 cm ऊँची वस्तु 20 cm फोकस दूरी वाले अवतल लेंस से 30 cm की दूरी पर रखी है। प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति एवं आकार ज्ञात कीजिए।
हल :
दिया है—
h₁ = 4 cm, f = −20 cm, u = −30 cm
लेंस सूत्र से—
1/v + 1/u = 1/f
1/v - 1/30 = -1/20
1/v = -1/20 + 1/30
1/v = (-3 + 2)/60 = -1/60
v = -12 cm
आवर्धन सूत्र से—
h₂/h₁ = v/u
h₂/4 = -12/-30
h₂ = 48/30 = 1.6 cm
निष्कर्ष :
प्रतिबिम्ब की स्थिति = 12 cm (लेंस की उसी ओर)
प्रकृति = आभासी, सीधा
आकार = वस्तु से छोटा
हल :
दिया है—
h₁ = 4 cm, f = −20 cm, u = −30 cm
लेंस सूत्र से—
1/v + 1/u = 1/f
1/v - 1/30 = -1/20
1/v = -1/20 + 1/30
1/v = (-3 + 2)/60 = -1/60
v = -12 cm
आवर्धन सूत्र से—
h₂/h₁ = v/u
h₂/4 = -12/-30
h₂ = 48/30 = 1.6 cm
निष्कर्ष :
प्रतिबिम्ब की स्थिति = 12 cm (लेंस की उसी ओर)
प्रकृति = आभासी, सीधा
आकार = वस्तु से छोटा
प्रश्न 10.
अंतिम पंक्ति में बैठे किसी विद्यार्थी को श्यामपट्ट पढ़ने में कठिनाई होती है। वह विद्यार्थी किस दृष्टिदोष से पीड़ित है? इसे कैसे संशोधित किया जा सकता है?
उत्तर :
चूँकि विद्यार्थी को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिख रही हैं, इसलिए वह निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) से पीड़ित है। इस दोष को अवतल लेंस के प्रयोग द्वारा संशोधित किया जा सकता है।
उत्तर :
चूँकि विद्यार्थी को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिख रही हैं, इसलिए वह निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) से पीड़ित है। इस दोष को अवतल लेंस के प्रयोग द्वारा संशोधित किया जा सकता है।
प्रश्न 11.
उपचयन एवं अपचयन अभिक्रिया को ‘रीडॉक्स अभिक्रिया’ क्यों कहते हैं?
उत्तर :
उपचयन और अपचयन अभिक्रियाएँ सदैव साथ-साथ होती हैं। जब एक पदार्थ का अपचयन (Reduction) होता है, तभी दूसरे पदार्थ का उपचयन (Oxidation) होता है। इसलिए ऐसी अभिक्रियाओं को रीडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण :
CuO + H₂ → Cu + H₂O
यहाँ CuO का अपचयन तथा H₂ का उपचयन होता है।
उत्तर :
उपचयन और अपचयन अभिक्रियाएँ सदैव साथ-साथ होती हैं। जब एक पदार्थ का अपचयन (Reduction) होता है, तभी दूसरे पदार्थ का उपचयन (Oxidation) होता है। इसलिए ऐसी अभिक्रियाओं को रीडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण :
CuO + H₂ → Cu + H₂O
यहाँ CuO का अपचयन तथा H₂ का उपचयन होता है।
प्रश्न 12.
निम्न अम्लों के प्राकृतिक स्रोत लिखिए—
उत्तर :
(a) टार्टरिक अम्ल — इमली
(b) साइट्रिक अम्ल — संतरा
(c) ऑक्सैलिक अम्ल — टमाटर
उत्तर :
(a) टार्टरिक अम्ल — इमली
(b) साइट्रिक अम्ल — संतरा
(c) ऑक्सैलिक अम्ल — टमाटर
प्रश्न 13.
जब एड्रिनेलिन रुधिर में स्रावित होता है तब शरीर में क्या अनुक्रिया होती है? अथवा हमारे शरीर में एड्रिनेलिन हार्मोन किस प्रकार कार्य करता है?
उत्तर :
एड्रिनेलिन हार्मोन एड्रीनल ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है। यह सीधे रक्त में मिलकर पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके प्रभाव से—
हृदय की गति तेज हो जाती है।
शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है।
श्वसन दर तेज हो जाती है।
पेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिलने लगती है।
इन परिवर्तनों के कारण शरीर असामान्य एवं संकटग्रस्त परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हो जाता है।
उत्तर :
एड्रिनेलिन हार्मोन एड्रीनल ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है। यह सीधे रक्त में मिलकर पूरे शरीर में फैल जाता है। इसके प्रभाव से—
हृदय की गति तेज हो जाती है।
शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है।
श्वसन दर तेज हो जाती है।
पेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिलने लगती है।
इन परिवर्तनों के कारण शरीर असामान्य एवं संकटग्रस्त परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हो जाता है।
प्रश्न 14.
आनुवंशिकता में DNA की क्या भूमिका है? अथवा DNA आनुवंशिकता का आधार है — कैसे?
उत्तर :
आनुवंशिकता में DNA की भूमिका निम्नलिखित है—
1. DNA एक आनुवंशिक पदार्थ है, जिसमें नाइट्रोजनयुक्त क्षारों की व्यवस्था के रूप में सभी आनुवंशिक जानकारियाँ कूटबद्ध रहती हैं।
2. यह द्विगुणन द्वारा अपनी प्रतिलिपि बनाता है, जो जनन के समय संतान में पहुँचती है।
3. यह विभिन्नताएँ उत्पन्न करने में सहायक होता है।
4. यह प्रतिलेखन द्वारा RNA बनाता है, जो प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।
5. यह जैव-रसायनों के संश्लेषण को नियंत्रित करता है।
उत्तर :
आनुवंशिकता में DNA की भूमिका निम्नलिखित है—
1. DNA एक आनुवंशिक पदार्थ है, जिसमें नाइट्रोजनयुक्त क्षारों की व्यवस्था के रूप में सभी आनुवंशिक जानकारियाँ कूटबद्ध रहती हैं।
2. यह द्विगुणन द्वारा अपनी प्रतिलिपि बनाता है, जो जनन के समय संतान में पहुँचती है।
3. यह विभिन्नताएँ उत्पन्न करने में सहायक होता है।
4. यह प्रतिलेखन द्वारा RNA बनाता है, जो प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है।
5. यह जैव-रसायनों के संश्लेषण को नियंत्रित करता है।
प्रश्न 15.
एककोशिक तथा बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में अंतर लिखिए।
उत्तर :
एककोशिक जीवों की संरचना सरल होती है। इनमें जनन के लिए कोई विशेष अंग नहीं होते। केवल एक कोशिका विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती है। इनमें सामान्यतः अलैंगिक जनन होता है तथा विभिन्नताएँ कम उत्पन्न होती हैं।
बहुकोशिक जीवों की संरचना जटिल होती है। इनमें जनन के लिए नर एवं मादा के विशेष अंग होते हैं। इनमें लैंगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रकार का जनन पाया जाता है। इनकी जनन पद्धति से विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं, जो विकास में सहायक होती हैं।
उत्तर :
एककोशिक जीवों की संरचना सरल होती है। इनमें जनन के लिए कोई विशेष अंग नहीं होते। केवल एक कोशिका विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती है। इनमें सामान्यतः अलैंगिक जनन होता है तथा विभिन्नताएँ कम उत्पन्न होती हैं।
बहुकोशिक जीवों की संरचना जटिल होती है। इनमें जनन के लिए नर एवं मादा के विशेष अंग होते हैं। इनमें लैंगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रकार का जनन पाया जाता है। इनकी जनन पद्धति से विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं, जो विकास में सहायक होती हैं।
प्रश्न 16.
जैव आवर्धन से आप क्या समझते हैं? पीड़कनाशी रसायनों का अत्यधिक प्रयोग किस प्रकार जैव आवर्धन की समस्या उत्पन्न करता है? अथवा क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैव आवर्धन का प्रभाव भिन्न-भिन्न होता है?
उत्तर :
जैव-अनिम्नीकरणीय रसायन जैसे कीटनाशक आहार-श्रृंखला के माध्यम से पौधों द्वारा अवशोषित हो जाते हैं। ये रसायन उपभोक्ताओं के वसीय ऊतकों में संचित होते जाते हैं। चूँकि मनुष्य सर्वोच्च उपभोक्ता है, इसलिए इन रसायनों का सबसे अधिक संचय मानव शरीर में होता है। वसीय ऊतकों में इनका सान्द्रण बढ़ते जाना ही जैव आवर्धन कहलाता है।
हाँ, पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैव आवर्धन का प्रभाव अलग-अलग होता है और सर्वोच्च स्तर पर यह सबसे अधिक होता है।
उत्तर :
जैव-अनिम्नीकरणीय रसायन जैसे कीटनाशक आहार-श्रृंखला के माध्यम से पौधों द्वारा अवशोषित हो जाते हैं। ये रसायन उपभोक्ताओं के वसीय ऊतकों में संचित होते जाते हैं। चूँकि मनुष्य सर्वोच्च उपभोक्ता है, इसलिए इन रसायनों का सबसे अधिक संचय मानव शरीर में होता है। वसीय ऊतकों में इनका सान्द्रण बढ़ते जाना ही जैव आवर्धन कहलाता है।
हाँ, पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर जैव आवर्धन का प्रभाव अलग-अलग होता है और सर्वोच्च स्तर पर यह सबसे अधिक होता है।
खण्ड – D
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 17–22, किन्हीं चार के उत्तर, प्रत्येक 5 अंक)
प्रश्न 17.
ओम का नियम लिखिए और उसका सत्यापन कीजिए। अथवा सम्बन्ध किस नियम पर आधारित है? लिखिए एवं सत्यापित कीजिए।
उत्तर :
ओम का नियम कहता है कि किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होता है, बशर्ते चालक का ताप समान रहे।
V ∝ I
V = IR
जहाँ V = विभवांतर, I = धारा, R = प्रतिरोध (नियतांक)
सत्यापन :
एक परिपथ में बैटरी, रियोस्टेट और अमीटर को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है तथा वोल्टमीटर को प्रतिरोध के समांतर जोड़ा जाता है। कुंजी बंद करने पर धारा प्रवाहित होती है। विभिन्न धारा मानों के लिए V और I के मान लिए जाते हैं। प्रत्येक स्थिति में V/I का मान समान प्राप्त होता है। इससे ओम के नियम का सत्यापन होता है।
उत्तर :
ओम का नियम कहता है कि किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित धारा के अनुक्रमानुपाती होता है, बशर्ते चालक का ताप समान रहे।
V ∝ I
V = IR
जहाँ V = विभवांतर, I = धारा, R = प्रतिरोध (नियतांक)
सत्यापन :
एक परिपथ में बैटरी, रियोस्टेट और अमीटर को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है तथा वोल्टमीटर को प्रतिरोध के समांतर जोड़ा जाता है। कुंजी बंद करने पर धारा प्रवाहित होती है। विभिन्न धारा मानों के लिए V और I के मान लिए जाते हैं। प्रत्येक स्थिति में V/I का मान समान प्राप्त होता है। इससे ओम के नियम का सत्यापन होता है।
प्रश्न 18.
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या हैं? उनके गुण लिखिए। दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?
उत्तर :
चुम्बक के चारों ओर स्थित वे काल्पनिक रेखाएँ जिनके द्वारा चुम्बकीय प्रभाव को दर्शाया जाता है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कहलाती हैं।
गुण :
1. ये बाहर उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर जाती हैं।
2. चुम्बक के भीतर दक्षिण से उत्तर ध्रुव की ओर जाती हैं।
3. ये बंद वक्र होती हैं।
4. ध्रुवों के पास अधिक सघन होती हैं।
5. ये एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
यदि ये प्रतिच्छेद करें तो कटान बिंदु पर क्षेत्र की दो दिशाएँ होंगी, जो असंभव है।
उत्तर :
चुम्बक के चारों ओर स्थित वे काल्पनिक रेखाएँ जिनके द्वारा चुम्बकीय प्रभाव को दर्शाया जाता है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कहलाती हैं।
गुण :
1. ये बाहर उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर जाती हैं।
2. चुम्बक के भीतर दक्षिण से उत्तर ध्रुव की ओर जाती हैं।
3. ये बंद वक्र होती हैं।
4. ध्रुवों के पास अधिक सघन होती हैं।
5. ये एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं।
यदि ये प्रतिच्छेद करें तो कटान बिंदु पर क्षेत्र की दो दिशाएँ होंगी, जो असंभव है।
प्रश्न 19.
(a) ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील होने पर भी बर्तन बनाने में क्यों प्रयुक्त होता है?
(b) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषणों में क्यों किया जाता है?
उत्तर :
(a)
1. ऐलुमिनियम ऊष्मा का अच्छा चालक है।
2. यह हल्की, मजबूत और सस्ती धातु है।
3. इसकी सतह पर ऐलुमिनियम ऑक्साइड की परत बन जाती है, जो इसे संक्षारण से बचाती है।
(b)
ये धातुएँ कम अभिक्रियाशील होती हैं, संक्षारित नहीं होतीं तथा लंबे समय तक चमक बनाए रखती हैं, इसलिए इनका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।
(b) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषणों में क्यों किया जाता है?
उत्तर :
(a)
1. ऐलुमिनियम ऊष्मा का अच्छा चालक है।
2. यह हल्की, मजबूत और सस्ती धातु है।
3. इसकी सतह पर ऐलुमिनियम ऑक्साइड की परत बन जाती है, जो इसे संक्षारण से बचाती है।
(b)
ये धातुएँ कम अभिक्रियाशील होती हैं, संक्षारित नहीं होतीं तथा लंबे समय तक चमक बनाए रखती हैं, इसलिए इनका उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 20.
निम्न यौगिकों के नाम लिखिए—
उत्तर :
(i) एथेनैल — CH₃CHO
(ii) ब्यूटेनोन — C₂H₅COCH₃
(iii) मेथेनॉल — CH₃OH
(iv) प्रोपेनॉइक अम्ल — C₂H₅COOH
(v) एथेनॉइक अम्ल
उत्तर :
(i) एथेनैल — CH₃CHO
(ii) ब्यूटेनोन — C₂H₅COCH₃
(iii) मेथेनॉल — CH₃OH
(iv) प्रोपेनॉइक अम्ल — C₂H₅COOH
(v) एथेनॉइक अम्ल
प्रश्न 21.
मनुष्य के श्वसन तंत्र का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर :
चित्र में निम्न भाग स्पष्ट रूप से दर्शाने चाहिए— नासागुहिका, नाक, मुँह, एपिग्लॉटिस, ग्लॉटिस, श्वासनली, श्वसनी, फेफड़े, श्वसनिकाएँ, कूपिकाएँ एवं डायाफ्राम।
उत्तर :
चित्र में निम्न भाग स्पष्ट रूप से दर्शाने चाहिए— नासागुहिका, नाक, मुँह, एपिग्लॉटिस, ग्लॉटिस, श्वासनली, श्वसनी, फेफड़े, श्वसनिकाएँ, कूपिकाएँ एवं डायाफ्राम।
प्रश्न 22.
मेंडल के प्रयोग से कैसे सिद्ध हुआ कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं?
उत्तर :
मेंडल ने मटर के पौधों में दो लक्षणों (लम्बाई और बीज का आकार) का अध्ययन किया। F
उत्तर :
मेंडल ने मटर के पौधों में दो लक्षणों (लम्बाई और बीज का आकार) का अध्ययन किया। F
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