विज्ञान (Science)
खण्ड – B: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
जब वस्तु उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र (2F₁) पर रखी जाती है—
- प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 2F₂ पर बनता है।
- प्रतिबिम्ब वास्तविक और उल्टा होता है।
- प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर होता है।
(परीक्षा में स्पष्ट नामांकित किरण आरेख बनाना चाहिए।)
- प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 2F₂ पर बनता है।
- प्रतिबिम्ब वास्तविक और उल्टा होता है।
- प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर होता है।
(परीक्षा में स्पष्ट नामांकित किरण आरेख बनाना चाहिए।)
लाल रंग कुहरे, धुएँ और धूल में सबसे कम प्रकीर्णित होता है। इसलिए दूर से स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए खतरे के संकेत के लिए लाल रंग चुना जाता है।
(a) संक्षारण: धातुएँ वायु, नमी या अम्ल से अभिक्रिया करके अवांछनीय पदार्थ बनाती हैं।
उदाहरण: लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता: वसा/तेल वाले खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण दुर्गंध और खराब स्वाद उत्पन्न होना।
उदाहरण: गर्मी में सब्जी या तेल की बदबू।
उदाहरण: लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता: वसा/तेल वाले खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण दुर्गंध और खराब स्वाद उत्पन्न होना।
उदाहरण: गर्मी में सब्जी या तेल की बदबू।
धारावाही चालक को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकाएँ कि अंगूठा धारा की दिशा में हो। मुड़ी उँगलियाँ चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दिखाती हैं।
अंगूठा → धारा की दिशा
उँगलियाँ → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
अंगूठा → धारा की दिशा
उँगलियाँ → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
अम्ल केवल जल में H⁺ आयन उत्पन्न करता है। जल न होने पर H⁺ नहीं बनते, इसलिए अम्लीय व्यवहार नहीं होता।
सोडियम सामान्य ताप पर वायु/नमी के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है। किरोसिन में यह न घुलता है और न अभिक्रिया करता है। इसलिए सोडियम को सुरक्षित रखने के लिए डुबोया जाता है।
खण्ड – C: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
दिया है: h₁=4cm, f=-20cm, u=-30cm
लेंस सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f → v=-12cm
आवर्धन: h₂/h₁ = v/u → h₂ = 1.6cm
निष्कर्ष: प्रतिबिम्ब की स्थिति = 12cm (लेंस की उसी ओर)
प्रकृति = आभासी, सीधा
आकार = वस्तु से छोटा
लेंस सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f → v=-12cm
आवर्धन: h₂/h₁ = v/u → h₂ = 1.6cm
निष्कर्ष: प्रतिबिम्ब की स्थिति = 12cm (लेंस की उसी ओर)
प्रकृति = आभासी, सीधा
आकार = वस्तु से छोटा
विद्यार्थी दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पा रहा → निकट दृष्टिदोष (मायोपिया)।
समाधान: अवतल लेंस का प्रयोग।
समाधान: अवतल लेंस का प्रयोग।
उपचयन (Oxidation) और अपचयन (Reduction) साथ-साथ होते हैं।
उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O
यहाँ CuO अपचयन, H₂ उपचयन।
उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O
यहाँ CuO अपचयन, H₂ उपचयन।
(a) टार्टरिक अम्ल — इमली
(b) साइट्रिक अम्ल — संतरा
(c) ऑक्सैलिक अम्ल — टमाटर
(b) साइट्रिक अम्ल — संतरा
(c) ऑक्सैलिक अम्ल — टमाटर
- हृदय गति तेज
- शरीर में ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़े
- श्वसन दर तेज
- मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन
परिणाम: संकटग्रस्त परिस्थितियों से निपटने के लिए शरीर तैयार
- शरीर में ऑक्सीजन आपूर्ति बढ़े
- श्वसन दर तेज
- मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन
परिणाम: संकटग्रस्त परिस्थितियों से निपटने के लिए शरीर तैयार
1. DNA में सभी आनुवंशिक जानकारी रहती है।
2. द्विगुणन द्वारा प्रतिलिपि बनती है।
3. विभिन्नताएँ उत्पन्न करता है।
4. RNA बनाता है → प्रोटीन संश्लेषण।
5. जैव-रसायनों के संश्लेषण को नियंत्रित करता है।
2. द्विगुणन द्वारा प्रतिलिपि बनती है।
3. विभिन्नताएँ उत्पन्न करता है।
4. RNA बनाता है → प्रोटीन संश्लेषण।
5. जैव-रसायनों के संश्लेषण को नियंत्रित करता है।
एककोशिक: सरल संरचना, कोई विशेष जनन अंग नहीं, अलैंगिक जनन, कम विभिन्नताएँ।
बहुकोशिक: जटिल संरचना, नर/मादा अंग, लैंगिक व अलैंगिक जनन, विभिन्नताएँ अधिक।
बहुकोशिक: जटिल संरचना, नर/मादा अंग, लैंगिक व अलैंगिक जनन, विभिन्नताएँ अधिक।
कीटनाशक आहार-श्रृंखला के माध्यम से पौधों में अवशोषित → उपभोक्ताओं के वसीय ऊतकों में संचित → मनुष्य में अधिक संचय।
विभिन्न स्तरों पर प्रभाव अलग, सर्वोच्च स्तर पर सबसे अधिक।
विभिन्न स्तरों पर प्रभाव अलग, सर्वोच्च स्तर पर सबसे अधिक।
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