विज्ञान (Science)
खण्ड – B
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 1–8, इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक)
प्रश्न 1.
उत्तल लेंस में बनते हुए प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचिए जब वस्तु वक्रता केन्द्र (2F₁) पर हो।
उत्तर :
जब वस्तु उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र (2F₁) पर रखी जाती है, तब—
उत्तर :
जब वस्तु उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र (2F₁) पर रखी जाती है, तब—
- प्रतिबिम्ब लेंस के दूसरी ओर 2F₂ पर बनता है।
- प्रतिबिम्ब वास्तविक होता है।
- प्रतिबिम्ब उल्टा होता है।
- प्रतिबिम्ब का आकार वस्तु के बराबर होता है।
प्रश्न 2.
खतरे के संकेत (सिग्नल) के लिए लाल रंग का चयन क्यों किया जाता है?
उत्तर :
लाल रंग का कुहरे, धुएँ तथा धूल से सबसे कम प्रकीर्णन होता है। इसी कारण लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए खतरे के संकेत के लिए लाल रंग का चयन किया जाता है।
उत्तर :
लाल रंग का कुहरे, धुएँ तथा धूल से सबसे कम प्रकीर्णन होता है। इसी कारण लाल रंग दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है। इसलिए खतरे के संकेत के लिए लाल रंग का चयन किया जाता है।
प्रश्न 3.
संक्षारण तथा विकृतगंधिता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
(a) संक्षारण :
संक्षारण वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ वायु, नमी या अम्ल के साथ अभिक्रिया करके अवांछनीय पदार्थ बना लेती हैं।
उदाहरण : लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता :
वसा तथा तेल युक्त खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण उत्पन्न दुर्गंध और खराब स्वाद को विकृतगंधिता कहते हैं।
उदाहरण : गर्मी के दिनों में सब्जी या तेल का खराब होकर बदबू देना।
उत्तर :
(a) संक्षारण :
संक्षारण वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें धातुएँ वायु, नमी या अम्ल के साथ अभिक्रिया करके अवांछनीय पदार्थ बना लेती हैं।
उदाहरण : लोहे में जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता :
वसा तथा तेल युक्त खाद्य पदार्थों में ऑक्सीकरण के कारण उत्पन्न दुर्गंध और खराब स्वाद को विकृतगंधिता कहते हैं।
उदाहरण : गर्मी के दिनों में सब्जी या तेल का खराब होकर बदबू देना।
प्रश्न 4.
मैक्सवेल का दक्षिण हस्त अंगुष्ठ नियम लिखिए।
उत्तर :
यदि किसी धारावाही चालक को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा को दर्शाती हैं।
उत्तर :
यदि किसी धारावाही चालक को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकड़ा जाए कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा को दर्शाती हैं।
- अंगूठा → धारा की दिशा
- उँगलियाँ → चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा
प्रश्न 5.
जल की अनुपस्थिति में अम्ल का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?
उत्तर :
अम्ल केवल जल में घुलने पर ही हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं। जल की अनुपस्थिति में हाइड्रोजन आयन नहीं बनते हैं, इसलिए अम्ल अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता।
उत्तर :
अम्ल केवल जल में घुलने पर ही हाइड्रोजन आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं। जल की अनुपस्थिति में हाइड्रोजन आयन नहीं बनते हैं, इसलिए अम्ल अम्लीय व्यवहार नहीं दिखाता।
प्रश्न 6.
सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर :
सोडियम सामान्य ताप पर वायु की नमी और ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है और सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है। किरोसिन तेल में सोडियम न तो घुलता है और न ही कोई अभिक्रिया करता है। इसलिए सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।
उत्तर :
सोडियम सामान्य ताप पर वायु की नमी और ऑक्सीजन के साथ तीव्र अभिक्रिया करता है और सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है। किरोसिन तेल में सोडियम न तो घुलता है और न ही कोई अभिक्रिया करता है। इसलिए सोडियम को किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है।
प्रश्न 7.
हमारे आमाशय में अम्ल की क्या भूमिका है? अथवा पाचन में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का क्या कार्य है?
उत्तर :
उत्तर :
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन को अम्लीय माध्यम प्रदान करता है, जिससे पाचक एन्जाइम ठीक प्रकार से कार्य करते हैं।
- भोजन के साथ आने वाले हानिकारक रोगाणु अम्ल के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं।
प्रश्न 8.
पादप हार्मोन क्या हैं? दो पादप हार्मोनों के नाम लिखिए।
उत्तर :
पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करने वाले रासायनिक पदार्थों को पादप हार्मोन या फाइटोहार्मोन कहते हैं।
उत्तर :
पादपों में नियंत्रण एवं समन्वय का कार्य करने वाले रासायनिक पदार्थों को पादप हार्मोन या फाइटोहार्मोन कहते हैं।
- ऑक्सिन
- जिबरेलिन
खण्ड – C
लघु उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 9–16, इनमें से किन्हीं 6 प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 3 अंक)
प्रश्न 9.
4 cm ऊँची वस्तु 20 cm फोकस दूरी वाले अवतल लेंस से 30 cm की दूरी पर रखी है। प्रतिबिम्ब की स्थिति, प्रकृति एवं आकार ज्ञात कीजिए।
- दिया है: h₁ = 4 cm, f = −20 cm, u = −30 cm
- लेंस सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f → 1/v - 1/30 = -1/20 → 1/v = -1/20 + 1/30 → 1/v = -1/60 → v = -12 cm
- आवर्धन सूत्र: h₂/h₁ = v/u → h₂/4 = -12/-30 → h₂ = 1.6 cm
- प्रतिबिम्ब की स्थिति = 12 cm (लेंस की उसी ओर)
- प्रकृति = आभासी, सीधा
- आकार = वस्तु से छोटा
प्रश्न 10.
अंतिम पंक्ति में बैठे किसी विद्यार्थी को श्यामपट्ट पढ़ने में कठिनाई होती है। वह विद्यार्थी किस दृष्टिदोष से पीड़ित है? इसे कैसे संशोधित किया जा सकता है?
उत्तर :
विद्यार्थी दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पा रहा है, इसलिए वह निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) से पीड़ित है। इसे अवतल लेंस के प्रयोग द्वारा ठीक किया जा सकता है।
उत्तर :
विद्यार्थी दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख पा रहा है, इसलिए वह निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) से पीड़ित है। इसे अवतल लेंस के प्रयोग द्वारा ठीक किया जा सकता है।
प्रश्न 11.
उपचयन एवं अपचयन अभिक्रिया को ‘रीडॉक्स अभिक्रिया’ क्यों कहते हैं?
उत्तर :
उपचयन और अपचयन अभिक्रियाएँ सदैव साथ-साथ होती हैं। जब एक पदार्थ का अपचयन (Reduction) होता है, तभी दूसरे का उपचयन (Oxidation) होता है। उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O
उत्तर :
उपचयन और अपचयन अभिक्रियाएँ सदैव साथ-साथ होती हैं। जब एक पदार्थ का अपचयन (Reduction) होता है, तभी दूसरे का उपचयन (Oxidation) होता है। उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O
प्रश्न 12.
निम्न अम्लों के प्राकृतिक स्रोत लिखिए—
- टार्टरिक अम्ल — इमली
- साइट्रिक अम्ल — संतरा
- ऑक्सैलिक अम्ल — टमाटर
प्रश्न 13.
एड्रिनेलिन हार्मोन रुधिर में स्रावित होने पर—
- हृदय की गति तेज हो जाती है।
- शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाती है।
- श्वसन दर तेज हो जाती है।
- पेशियों को अधिक ऑक्सीजन मिलने लगती है।
प्रश्न 14.
आनुवंशिकता में DNA की भूमिका—
- DNA में सभी आनुवंशिक जानकारियाँ कूटबद्ध रहती हैं।
- DNA अपनी प्रतिलिपि बनाता है, जो संतान में पहुँचती है।
- यह विभिन्नताएँ उत्पन्न करने में सहायक होता है।
- RNA के माध्यम से प्रोटीन संश्लेषण नियंत्रित करता है।
- जैव-रसायनों के संश्लेषण को नियंत्रित करता है।
प्रश्न 15.
एककोशिक और बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति—
- एककोशिक: सरल संरचना, अलैंगिक जनन, विभिन्नताएँ कम।
- बहुकोशिक: जटिल संरचना, नर और मादा अंग, लैंगिक एवं अलैंगिक जनन, विभिन्नताएँ अधिक।
प्रश्न 16.
जैव आवर्धन: कीटनाशक आदि रसायन आहार-श्रृंखला के माध्यम से ऊतकों में संचित होते हैं।
- सबसे अधिक संचय मानव शरीर में होता है।
- पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर प्रभाव अलग-अलग होता है।
खण्ड – D
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(प्रश्न संख्या 17–22, किन्हीं चार के उत्तर, प्रत्येक 5 अंक)
प्रश्न 17.
ओम का नियम: किसी चालक में विभवांतर धारा के अनुपाती होता है, बशर्ते ताप समान हो।
V ∝ I → V = IR
सत्यापन: परिपथ में बैटरी, रियोस्टेट, अमीटर और वोल्टमीटर लगाकर विभिन्न I के लिए V मापा। V/I समान, ओम का नियम सत्यापित।
V ∝ I → V = IR
सत्यापन: परिपथ में बैटरी, रियोस्टेट, अमीटर और वोल्टमीटर लगाकर विभिन्न I के लिए V मापा। V/I समान, ओम का नियम सत्यापित।
प्रश्न 18.
चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ: चुम्बक के चारों ओर काल्पनिक रेखाएँ जो चुम्बकीय प्रभाव दर्शाती हैं।
- बाहरी: उत्तर → दक्षिण
- भीतर: दक्षिण → उत्तर
- बंद वक्र होती हैं
- ध्रुवों पर सघन होती हैं
- एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करतीं, क्योंकि कटान बिंदु पर दो दिशाएँ असंभव हैं।
प्रश्न 19.
(a) ऐलुमिनियम: हल्का, मजबूत, ऊष्मा चालक, सतह पर ऑक्साइड परत → संक्षारण से बचाव।
(b) प्लैटिनम, सोना, चाँदी: कम अभिक्रियाशील, संक्षारण नहीं, लंबे समय तक चमक बनाए रखते हैं → आभूषण में उपयोग।
(b) प्लैटिनम, सोना, चाँदी: कम अभिक्रियाशील, संक्षारण नहीं, लंबे समय तक चमक बनाए रखते हैं → आभूषण में उपयोग।
प्रश्न 20.
यौगिकों के नाम—
- (i) एथेनैल — CH₃CHO
- (ii) ब्यूटेनोन — C₂H₅COCH₃
- (iii) मेथेनॉल — CH₃OH
- (iv) प्रोपेनॉइक अम्ल — C₂H₅COOH
- (v) एथेनॉइक अम्ल — CH₃COOH
प्रश्न 21.
मनुष्य के श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र—
दिखाएँ: नासागुहिका, नाक, मुँह, एपिग्लॉटिस, ग्लॉटिस, श्वासनली, श्वसनी, फेफड़े, श्वसनिकाएँ, कूपिकाएँ, डायाफ्राम।
दिखाएँ: नासागुहिका, नाक, मुँह, एपिग्लॉटिस, ग्लॉटिस, श्वासनली, श्वसनी, फेफड़े, श्वसनिकाएँ, कूपिकाएँ, डायाफ्राम।
प्रश्न 22.
मेंडल के प्रयोग से सिद्ध हुआ कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं।
मटर पौधों में दो लक्षणों (लम्बाई और बीज का आकार) का अध्ययन → F₁ और F₂ पीढ़ी में अलग-अलग लक्षण स्वतंत्र रूप से दिखाई दिए।
मटर पौधों में दो लक्षणों (लम्बाई और बीज का आकार) का अध्ययन → F₁ और F₂ पीढ़ी में अलग-अलग लक्षण स्वतंत्र रूप से दिखाई दिए।
Comments
Post a Comment