Class 10th sst upbhokta

 

1. उपभोक्ता शोषण से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: उपभोक्ता शोषण का अर्थ है उपभोक्ता को धोखा देना। इसके रूप—

(क) कम तौल देना
(ख) घटिया सामान देना
(ग) नकली वस्तु बेचना
(घ) मिलावटी वस्तु देना
(ङ) गलत जानकारी देना
(च) अधिक कीमत वसूलना


2. उपभोक्ता जागरूकता क्यों आवश्यक है?
उत्तर: उपभोक्ता जागरूकता आवश्यक है क्योंकि—

(क) यह उपभोक्ता को शोषण से बचाती है।
(ख) उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा करती है।
(ग) सही वस्तु चुनने में मदद करती है।
(घ) अज्ञानता और भ्रम को दूर करती है।
(ङ) उपभोक्ता को सतर्क बनाती है।


3. उपभोक्ता सुरक्षा कानून 1986 क्यों बनाया गया?
उत्तर: उपभोक्ता सुरक्षा कानून 1986 इसलिए बनाया गया क्योंकि—

(क) उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके।
(ख) शोषण को रोका जा सके।
(ग) शिकायत के समाधान के लिए अदालतें बनाई जा सकें।
(घ) जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर न्याय मिल सके।


4. मिलावट का क्या अर्थ होता है?
उत्तर: मिलावट का अर्थ है—

(क) शुद्ध वस्तु में हानिकारक पदार्थ मिलाना।
(ख) घटिया चीज मिलाकर गुणवत्ता खराब करना।
(ग) उपभोक्ता के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाना।


5. दो उदाहरण देकर उपभोक्ता जागरूकता की जरूरत का वर्णन करें।
उत्तर: उपभोक्ता जागरूकता की जरूरत निम्न उदाहरणों से समझी जा सकती है—

(क) यदि उपभोक्ता नियमों और अपने अधिकारों को जानता है, तो वह कम तौल, मिलावट और गलत सामान से बच सकता है। जागरूक उपभोक्ता ही अपनी सुरक्षा कर सकता है।

(ख) जागरूक उपभोक्ता गलत व्यापार करने वालों के खिलाफ शिकायत करता है। इससे दुकानदार और उत्पादक उपभोक्ता को ठगने से डरते हैं।


6. उपभोक्ता के रूप में अपने कर्त्तव्यों का वर्णन करें।
उत्तर: उपभोक्ता के मुख्य कर्त्तव्य इस प्रकार हैं—

(क) सामान खरीदते समय उसकी गुणवत्ता अवश्य जाँचें।
(ख) आई.एस.आई. या एगमार्क चिन्ह वाला सामान खरीदें।
(ग) खरीद का बिल या रसीद अवश्य लें।
(घ) गारंटी/वारंटी की जानकारी लें।
(ङ) गलत सामान मिलने पर शिकायत करें।
(च) अपने अधिकारों की जानकारी रखें।
(छ) उपभोक्ता संगठनों से जुड़कर एकजुटता दिखाएँ।


7. भारत में उपभोक्ता आंदोलन की प्रगति की समीक्षा करें।
उत्तर:

(क) उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत 1960 के दशक में हुई जब लोगों को मिलावट, कम तौल और अधिक कीमत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
(ख) 1970 के दशक में कई उपभोक्ता संगठन बने जिन्होंने जागरूकता फैलायी।
(ग) उपभोक्ताओं के दबाव के कारण 1986 में उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया।
(घ) इससे उपभोक्ताओं को कानूनी सुरक्षा मिली और आंदोलन को मजबूती मिली।


8. उपभोक्ता सुरक्षा कानून 1986 के अधिकारों का वर्णन करें।
उत्तर: इस कानून के अनुसार उपभोक्ताओं को निम्न अधिकार प्राप्त हैं—

(क) सुरक्षा का अधिकार — खतरनाक वस्तुओं से बचाव का अधिकार।
(ख) सूचना का अधिकार — गुणवत्ता, मात्रा और मूल्य की सही जानकारी का अधिकार।
(ग) चुनने का अधिकार — अपनी पसंद की वस्तु चुनने का अधिकार।
(घ) सुनवाई का अधिकार — शिकायत सुने जाने का अधिकार।
(ङ) शिकायत निपटान का अधिकार — शोषण के खिलाफ न्याय पाने का अधिकार।
(च) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार — उपभोक्ता ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार।


9. उपभोक्ता संरक्षण परिषद् उपभोक्ताओं की किस प्रकार मदद करता है?
उत्तर:

(क) उपभोक्ताओं को अदालत में शिकायत करने का मार्गदर्शन देता है।
(ख) अदालत में उपभोक्ता का प्रतिनिधित्व करता है।
(ग) जनता में जागरूकता फैलाता है।


10. भारत में उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत किन कारणों से हुई?
उत्तर:

(क) खाद्य पदार्थों की कमी और जमाखोरी के कारण।
(ख) कालाबाजारी और मिलावट की बढ़ती समस्या के कारण।
(ग) कम तौल और अधिक कीमत लेने के कारण।
(घ) उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की आवश्यकता के कारण।
(ङ) 1986 में उपभोक्ता सुरक्षा कानून बनने से आंदोलन को मजबूती मिली।



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