पदार्थ – शुद्ध पदार्थ और मिश्रण

पदार्थ (Matter)

शुद्ध पदार्थ (Pure Substance)

"शुद्ध" शब्द का अर्थ होता है कि पदार्थ में कोई मिलावट न हो। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो हमारे आसपास की अधिकतर वस्तुएँ विभिन्न पदार्थों के मिश्रण से बनी होती हैं, इसलिए वे पूरी तरह शुद्ध नहीं मानी जातीं।

उदाहरण के लिए – जल, दूध, वसा आदि।

शुद्ध पदार्थ से तात्पर्य है कि उस पदार्थ में उपस्थित सभी कण एक ही प्रकार की रासायनिक प्रकृति के होते हैं।

अर्थात् एक शुद्ध पदार्थ केवल एक ही प्रकार के कणों से मिलकर बना होता है।

ऐसा पदार्थ जिसे भौतिक प्रक्रियाओं (जैसे छानना, छानन, वाष्पीकरण आदि) द्वारा अन्य प्रकार के पदार्थों में अलग नहीं किया जा सकता, उसे शुद्ध पदार्थ कहा जाता है।

मिश्रण (Mixture)

मिश्रण वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों या यौगिकों से मिलकर बना होता है, लेकिन ये पदार्थ रासायनिक रूप से आपस में जुड़े नहीं होते।

उदाहरण – वायु।

वायु कई गैसों का मिश्रण है जैसे –

  • ऑक्सीजन
  • नाइट्रोजन
  • आर्गन
  • कार्बन डाइऑक्साइड
  • जल वाष्प

मिश्रण के प्रकार

मिश्रण मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं –

  1. समांगी मिश्रण (Homogenous Mixture)
  2. विषमांगी मिश्रण (Heterogenous Mixture)

1. समांगी मिश्रण (Homogenous Mixture)

ऐसे मिश्रण जिनमें पदार्थ पूरी तरह आपस में मिल जाते हैं और उन्हें अलग-अलग पहचानना संभव नहीं होता, उन्हें समांगी मिश्रण कहते हैं।

इसमें पूरे द्रव्यमान में संघटन समान होता है।

उदाहरण – जल में चीनी का विलयन।

2. विषमांगी मिश्रण (Heterogenous Mixture)

ऐसे मिश्रण जिनमें पदार्थ अलग-अलग दिखाई देते हैं, और एक पदार्थ छोटे कणों, छोटी बूँदों या बुलबुलों के रूप में दूसरे पदार्थ में फैला रहता है, उन्हें विषमांगी मिश्रण कहते हैं।

इसमें पूरे द्रव्यमान में संघटन एक जैसा नहीं होता।

उदाहरण – चीनी और बालू का मिश्रण।

क्योंकि इस मिश्रण के अलग-अलग भागों में चीनी और बालू की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

द्रव में ठोस का निलम्बन (Suspension) भी विषमांगी मिश्रण होता है।

विलयन (Solution)

विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण होता है।

उदाहरण – नींबू जल, सोडा जल।

किसी भी विलयन को दो भागों में बाँटा जाता है –

  • विलेय (Solute) – जो पदार्थ घुलता है
  • विलायक (Solvent) – जिसमें पदार्थ घुलता है

उदाहरण – पानी में चीनी का विलयन

  • विलेय – चीनी
  • विलायक – पानी

वास्तविक विलयन (True Solution)

  • विलेय कण बहुत छोटे होते हैं (लगभग 10⁻⁹ m)।
  • इन्हें नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता।
  • यह समांगी मिश्रण होता है।
  • छानन (Filtration) द्वारा कणों को अलग नहीं किया जा सकता।
  • यह पारदर्शी होता है।
  • यह स्थायी विलयन होता है।
  • समय के साथ कण नीचे नहीं बैठते।
  • टिंडल प्रभाव नहीं दिखाते।
  • विलयन के कण छन्ना कागज से आसानी से निकल जाते हैं।
  • उदाहरण – पानी में चीनी।

कोलाइडल विलयन (Colloidal Solution)

  • कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा लेकिन निलम्बन से छोटा होता है।
  • कणों को नंगी आँखों से नहीं देख सकते लेकिन सूक्ष्मदर्शी से देख सकते हैं।
  • यह देखने में समांगी लगता है लेकिन वास्तव में विषमांगी होता है।
  • अपारदर्शी होता है।
  • स्थायी विलयन होता है।
  • टिंडल प्रभाव दिखाई देता है।
  • उदाहरण – दूध, रक्त।

निलम्बन (Suspension)

  • कणों का आकार बहुत बड़ा होता है।
  • इन्हें नंगी आँखों से देखा जा सकता है।
  • यह विषमांगी मिश्रण होता है।
  • छानन (Filtration) द्वारा अलग किया जा सकता है।
  • पारभासी होता है।
  • यह अस्थायी विलयन होता है।
  • समय के साथ कण नीचे बैठ जाते हैं।
  • टिंडल प्रभाव दिखाई दे भी सकता है और नहीं भी।
  • उदाहरण – पानी में बालू।

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