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विलयन और पृथक्करण के तरीके

विलयन और पृथक्करण के तरीके

विलयन के प्रकार

वास्तविक विलयन (True Solution): इसमें कण बहुत छोटे होते हैं, लगभग 10⁻⁹ मीटर। यह पारदर्शी होता है और स्थायी रहता है। इसमें कण छानन (Filtration) से अलग नहीं किए जा सकते। उदाहरण: पानी में चीनी घुला हुआ। टिंडल प्रभाव नहीं दिखता।

कोलाइडल विलयन (Colloidal Solution): इसमें कण मध्यम आकार के होते हैं। यह देखने में समांगी मिश्रण लगता है लेकिन अपारदर्शी होता है। यह भी स्थायी रहता है। इसमें टिंडल प्रभाव दिखाई देता है। कण छन्ना से नहीं निकल सकते। उदाहरण: दूध, रक्त।

निलम्बन (Suspension): इसमें कण बड़े होते हैं, आसानी से नंगी आँखों से दिखाई देते हैं। यह अस्थायी विलयन होता है। कण समय के साथ नीचे बैठ जाते हैं। इसे छानन (Filtration) से अलग किया जा सकता है। टिंडल प्रभाव कभी दिखाई दे सकता है, कभी नहीं। उदाहरण: पानी में बालू या रेत।

याद रखने का आसान तरीका: छोटा कण, पारदर्शी, स्थायी → True Solution; मध्यम कण, अपारदर्शी, स्थायी, टिंडल दिखाई दे → Colloid; बड़ा कण, अलग दिखाई दे, अस्थायी, छानन से अलग हो जाए → Suspension

टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect)

परिभाषा: जब किसी विलयन या मिश्रण में कण होते हैं, और उस पर प्रकाश की किरण डाली जाती है, तो किरण कणों से टकराकर दिखाई देती है। इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं।

मुख्य बातें:

  • कौन दिखता है: टिंडल प्रभाव कोलॉयड (Colloidal Solution) और कभी-कभी निलम्बन (Suspension) में दिखाई देता है।
  • कौन नहीं दिखता: वास्तविक विलयन (True Solution) में यह दिखाई नहीं देता।
  • क्यों होता है: क्योंकि कोलॉइड के कण प्रकाश को बिखेर देते हैं, इसलिए किरण दिखाई देती है।

आसान याद रखने की ट्रिक: छोटे कण → पारदर्शी → True Solution → टिंडल नहीं; मध्यम कण → Colloid → टिंडल दिखे; बड़े कण → Suspension → कभी टिंडल दिखाई दे, कभी नहीं

मिश्रण को अलग करने के तरीके

1. वाष्पीकरण (Evaporation)

वाष्पीकरण में हम मिश्रण में से एक तरल पदार्थ को भाप बनाकर अलग कर देते हैं।

उदाहरण: अगर पानी में रंग मिला हो, और हम उसे गर्म करें, तो पानी भाप बनकर उड़ जाता है और रंग बीकर में रह जाता है।

इसी तरह, नमक को पानी से अलग करने में भी वाष्पीकरण का उपयोग होता है।

उपकरण: बीकर, बायर, वाच ग्लास, बर्नर।

याद रखने का आसान तरीका: जो पदार्थ जल्दी भाप बनता है, वह अलग हो जाता है।

2. अपकेन्द्रीकरण (Centrifugation)

इसमें मिश्रण को तेजी से घुमाया जाता है। घुमाने से भारी कण नीचे बैठ जाते हैं और हल्के कण ऊपर रह जाते हैं।

उदाहरण: दूध से क्रीम निकालना, रक्त और शराब की जांच, वाशिंग मशीन में कपड़े धोने के बाद पानी निकालना।

याद रखने का आसान तरीका: भारी चीज नीचे, हल्की चीज ऊपर।

3. पृथक्करण कीप (Separating Funnel)

जब दो द्रव एक-दूसरे में नहीं घुलते (जैसे तेल और पानी), तो हम उन्हें पृथक्करण कीप से अलग कर सकते हैं।

मिश्रण को कीप में डालते हैं और स्टॉपकॉक खोलते हैं। नीचे पानी बीकर में चला जाता है और ऊपर तेल बचता है।

उपयोग: पानी और तेल अलग करने में।

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