Sst class 10th chapter 1
प्रश्न1: राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर:राष्ट्रवादी आंदोलनों में महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
- उन्होंने अपने राजनीतिक संगठन बनाए।
- वे विरोध सभाओं और जुलूसों में शामिल हुईं।
- महिलाओं ने समाचार-पत्र शुरू किए और लोगों में जागरूकता फैलायी।
- उन्होंने राजनीतिक अधिकारों के लिए आंदोलन चलाए।
- इसके बावजूद उन्हें मताधिकार (वोट देने का अधिकार) नहीं दिया गया।
- 1848 की फ्रैंकफर्ट संसद में उन्हें केवल दर्शक दीर्घा में खड़े होने की अनुमति दी गई।
2.नारीवाद पर प्रकाश डालिए।
उत्तर नारीवाद:
1.नारीवाद एक विचारधारा है।
2.यह पुरुष और महिलाओं की समानता की बात करता है।
3.यह महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने का समर्थन करता है।
प्रश्न 3: बाल्कन क्षेत्र में कौन-से देश आते हैं?
उत्तर:
बाल्कन क्षेत्र में वे देश आते हैं जो पहले ऑटोमन और हैब्सबर्ग साम्राज्य के अंतर्गत थे। इनमें मुख्य रूप से रोमानिया, बुल्गेरिया, यूनान, स्लोवेनिया, सर्विया आदि देश शामिल हैं।
प्रश्न 4: बाल्कन प्रदेशों में राष्ट्रवादी तनाव क्यों पनपा?
उत्तर:
बाल्कन क्षेत्र में राष्ट्रवादी तनाव निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हुआ—
-
भौगोलिक और जातीय भिन्नता:
इस क्षेत्र में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग रहते थे, जिससे आपसी संघर्ष बढ़ा। -
राष्ट्रीयता की भावना का प्रसार:
ऑटोमन साम्राज्य के कमजोर होने से लोगों में स्वतंत्र राष्ट्र बनाने की भावना बढ़ी। -
आधुनिकीकरण में असफलता:
सुधारों के प्रयास सफल नहीं हुए, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ गया। -
राज्यों में एकता का अभाव:
प्रत्येक राज्य अपने क्षेत्र को बढ़ाना चाहता था, जिससे आपसी टकराव हुआ। -
यूरोपीय शक्तियों की प्रतिस्पर्धा:
रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी जैसे देशों की प्रतिस्पर्धा ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।
प्रश्न5: रूपक क्या है? मारीआन और जर्मेनिया के बारे में लिखिए।
उत्तर:
रूपक:
रूपक का अर्थ है किसी अमूर्त विचार या भावना को मूर्त रूप में प्रस्तुत करना। राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता के विचारों को समझाने के लिए कलाकारों ने रूपकों का उपयोग किया।
मारीआन (फ्रांस):
- मारीआन एक नारी का रूपक थी।
- यह स्वतंत्रता, गणतंत्र और न्याय का प्रतीक थी।
- फ्रांस में इसका उपयोग राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने के लिए किया गया।
- इससे लोगों में राष्ट्रवाद की भावना विकसित हुई।
जर्मेनिया (जर्मनी):
- जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र का प्रतीक थी।
- यह स्वतंत्रता, शक्ति और बहादुरी को दर्शाती थी।
- इसके माध्यम से जर्मनी में राष्ट्रवाद को बढ़ावा मिला।
- यह लोगों को एकता और देशभक्ति के लिए प्रेरित करती थी।
इस प्रकार रूपकों ने राष्ट्रवाद और एकता की भावना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
6. नेपोलियन बोनापार्ट कौन थे?
उत्तर:
नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस के एक महान सेनानायक और शासक थे। उन्होंने अपने नेतृत्व में कई युद्ध जीते और फ्रांस की शक्ति को बढ़ाया। बाद में वे फ्रांस के पहले सम्राट बने। उनके शासन में नेपोलियन संहिता लागू की गई, जिससे देश में कई सुधार हुए।
7. नेपोलियन संहिता की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
नेपोलियन संहिता के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए, जो इस प्रकार हैं—
- जन्म के आधार पर मिलने वाले विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए।
- सभी नागरिकों को कानून के सामने समान अधिकार और न्याय मिला।
- सामंती व्यवस्था को समाप्त किया गया।
- किसानों को भू-दासत्व से मुक्ति दी गई।
- प्रशासन में सुधार किए गए।
- शहरों में संचार और यातायात की व्यवस्था को बेहतर बनाया गया।
8. इटली के एकीकरण पर संक्षिप्त टिप्पणी
-
इटली पहले कई छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था और कुछ भागों पर ऑस्ट्रिया का नियंत्रण था।
-
इटली के लोगों में राष्ट्रवाद की भावना विकसित हुई और वे एकता चाहते थे।
-
मैजिनी ने लोगों में देशभक्ति और एकता की भावना जगाई।
-
कावूर ने कूटनीति और युद्ध के माध्यम से इटली के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-
गैरीबाल्डी ने सैनिक अभियानों द्वारा दक्षिणी इटली को जीतकर एकीकरण में सहयोग किया।
-
1861 में इटली का एकीकरण हुआ और विक्टर इमैनुएल द्वितीय को राजा बनाया गया।
-
एकीकरण के बाद इटली एक मजबूत और संगठित राष्ट्र बन गया।
Comments
Post a Comment