जैव प्रक्रम – वहन

 

📘 जैव प्रक्रम – वहन (Transportation)

🔹 1. वहन क्या है?

हमारे शरीर में भोजन, ऑक्सीजन और अपशिष्ट पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की प्रक्रिया को वहन (Transportation) कहते हैं। यह काम मुख्य रूप से रुधिर द्वारा किया जाता है।


🩸 2. रुधिर (Blood) – सरल नोट्स

🔹 2.1 रुधिर क्या है?

रुधिर एक तरल संयोजी ऊतक है।


🔹 2.2 रुधिर के घटक

रुधिर में एक तरल भाग होता है, जिसे प्लाज्मा कहते हैं। प्लाज्मा में कोशिकाएँ निलंबित रहती हैं।


🔹 2.3 प्लाज्मा का कार्य

प्लाज्मा भोजन, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) तथा नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों का वहन करता है।


🔹 2.4 रुधिर के मुख्य कार्य

रुधिर ऑक्सीजन, भोजन, वर्ज्य पदार्थ तथा लवणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है।


🔹 2.5 रुधिर में तीन प्रकार की कोशिकाएँ

रुधिर में तीन प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं। लाल रुधिर कणिकाएँ (RBC) ऑक्सीजन को ले जाती हैं। श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC) शरीर को रोगों से बचाती हैं। प्लेटलैट्स (Platelets) खून का थक्का बनाकर रक्तस्राव को रोकते हैं।


🫀 3. रुधिर वाहिकाएँ (Blood Vessels)

🔹 3.1 धमनी (Artery)

धमनी रुधिर को हृदय से शरीर के विभिन्न भागों तक ले जाती है। इसकी भित्ति मोटी और लचीली होती है ताकि यह उच्च दाब को सहन कर सके। इसमें रुधिर उच्च दाब में बहता है। धमनी में वाल्व नहीं होते और रुधिर का प्रवाह हृदय से बाहर की ओर होता है।


🔹 3.2 शिरा (Vein)

शिरा रुधिर को शरीर से हृदय तक वापस लाती है। इसकी भित्ति मोटी नहीं होती क्योंकि इसमें दाब कम होता है। इसमें वाल्व होते हैं, जो रुधिर को एक ही दिशा में बहने देते हैं और उसे उल्टा जाने से रोकते हैं। रुधिर का प्रवाह हृदय की ओर होता है।


🔹 3.3 केशिका (Capillary)

केशिका सबसे पतली रुधिर वाहिका होती है, जिसकी भित्ति केवल एक कोशिका मोटी होती है। इसमें रुधिर का दाब बहुत कम होता है। यहीं पर रुधिर और ऊतकों के बीच ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, भोजन और अपशिष्ट पदार्थों का आदान-प्रदान होता है।


📊 4. रक्तदाब (Blood Pressure)

रुधिर द्वारा रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर पड़ने वाले दबाव को रक्तदाब कहते हैं। सामान्य रक्तदाब 120/80 mm Hg होता है। जब निलय संकुचित होता है और खून बाहर पंप होता है, तो उसे प्रकुंचन दाब (Systolic) कहते हैं, जो 120 होता है। जब निलय शिथिल होता है और खून हृदय में आता है, तो उसे अनुशिथिलन दाब (Diastolic) कहते हैं, जो 80 होता है।


🩹 5. प्लेटलैट्स का कार्य (Function of Platelets)

यदि हमें चोट लग जाती है और खून बहने लगता है, तो प्लेटलैट्स उस स्थान पर जाकर खून का थक्का बना देते हैं। इससे रक्तस्राव रुक जाता है और शरीर को नुकसान नहीं होता।


💧 6. लसिका (Lymph)

लसिका एक हल्का और रंगहीन द्रव होता है। यह रुधिर के प्लाज्मा जैसा होता है, लेकिन इसमें प्रोटीन कम होते हैं। लसिका पचे हुए वसा का वहन करती है और अतिरिक्त द्रव को वापस रुधिर में पहुँचाती है।



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