जैव प्रक्रम class 10th हृदय
❤️ हृदय (Heart) – हमारा पंप
🔹 1. हृदय क्या है?
· हृदय एक पेशीय अंग है।
· यह हमारी मुट्ठी के आकार का होता है।
· यह शरीर में रुधिर को पंप करता है।
🔹 2. हृदय के कोष्ठ (Chambers of Heart)
हृदय चार कोष्ठों में बँटा होता है:
- दायाँ अलिंद (Right Atrium)
- दायाँ निलय (Right Ventricle)
- बायाँ अलिंद (Left Atrium)
- बायाँ निलय (Left Ventricle)
🔹 3. हृदय के मुख्य कार्य
· हृदय ऑक्सीजन युक्त रुधिर को पूरे शरीर में भेजता है।
· हृदय कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर को फेफड़ों तक पहुँचाता है।
🔹 4. वाल्व (Valves) – महत्वपूर्ण भाग
· हृदय में वाल्व होते हैं।
· ये रुधिर को उल्टी दिशा में बहने से रोकते हैं।
❤️ हृदय में रुधिर का प्रवाह
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🔹 5. ऑक्सीजन युक्त रुधिर का प्रवाह
- फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त रुधिर बाएँ अलिंद में आता है।
- वहाँ से यह बाएँ निलय में जाता है।
- बायाँ निलय इस रुधिर को पूरे शरीर में पंप करता है।
🔹 6. कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर का प्रवाह
- शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर दाएँ अलिंद में आता है।
- वहाँ से यह दाएँ निलय में जाता है।
- दायाँ निलय इस रुधिर को फेफड़ों में भेजता है।
- फेफड़ों में यह ऑक्सीजन प्राप्त करता है।
🔄 दोहरा परिसंचरण (Double Circulation)
(सरल पॉइंट नोट्स)
🔹 7. दोहरा परिसंचरण क्या है?
· मनुष्य में रुधिर एक पूरे चक्र में दो बार हृदय से गुजरता है।
· इसी को दोहरा परिसंचरण कहते हैं।
🔹 8. दो चक्र (Two Circuits)
· पहला चक्र हृदय से फेफड़ों तक और वापस हृदय तक होता है, जहाँ रुधिर ऑक्सीजन प्राप्त करता है।
· दूसरा चक्र हृदय से पूरे शरीर तक और वापस हृदय तक होता है, जहाँ रुधिर ऑक्सीजन पहुँचाता है और कार्बन डाइऑक्साइड लेता है।
🔹 9. दोहरे परिसंचरण के लाभ
· ऑक्सीजन युक्त और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर आपस में नहीं मिलते।
· शरीर को अधिक ऊर्जा मिलती है।
🔹 10. विभिन्न जीवों में परिसंचरण
· मनुष्य, पक्षी और स्तनधारियों में चार कोष्ठ होते हैं और इनमें दोहरा परिसंचरण होता है।
· मेंढक और सरीसृपों में तीन कोष्ठ होते हैं और इनमें रुधिर कुछ हद तक मिल जाता है।
· मछली में दो कोष्ठ होते हैं और उसमें एकल परिसंचरण होता है।






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